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नई दिल्ली में जयराम ठाकुर की वित्त मंत्री से मुलाकात, अधिक वित्तीय सहायता का अनुरोध

नई दिल्ली में जयराम ठाकुर की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात
हिमाचल की आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर अधिक वित्तीय सहायता का अनुरोध
ईएपी के तहत 3000 करोड़ की सहायता, स्वास्थ्य और आपदा परियोजनाओं को मंजूरी


शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और विकासात्मक जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए अधिक से अधिक वित्तीय सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा अब तक दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के सतत विकास के लिए केंद्र का समर्थन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के विस्तार, आपदा राहत कार्यों और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिकतम आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

जयराम ठाकुर ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को जितना सहयोग मिला है, वह पिछले सात दशकों में भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि विशेष राज्य के दर्जे के चलते केंद्र प्रायोजित 191 योजनाओं में हिमाचल की भागीदारी केवल 10 प्रतिशत रहती है, जबकि शेष व्यय केंद्र सरकार वहन करती है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र के सहयोग से प्रदेश में नेशनल हाईवे, फोरलेन परियोजनाएं, विश्वस्तरीय टनल और रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ पूरे प्रदेश को मिल रहा है।

इस महीने हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (EAP) के तहत केंद्र सरकार से 3000 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। जयराम ठाकुर ने बताया कि जायका-दो के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1617 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसमें 1294 करोड़ रुपये का ऋण जायका के माध्यम से मिलेगा, जिसमें से 1165 करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार वहन करेगी। इस परियोजना से प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी।

इसके अतिरिक्त आपदा पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक द्वारा 1992 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 1792 करोड़ रुपये का भुगतान केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि यह सहायता प्राकृतिक आपदाओं से जूझते हिमाचल के लिए राहत और पुनर्निर्माण के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जयराम ठाकुर ने दोहराया कि वे प्रदेश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे और हिमाचल के अधिकारों तथा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे।